कक्षा ७ को पाठ्यपुस्तकले एउटा अभ्यासमा ‘खेल्’ धातुका रूप एउटा तालिकामा देखाएर ‘पढ्’ र ‘आउ’ धातुलाई पनि सबै काल र पक्षमा लेख्न लगाउँछ। यो परिशिष्ट त्यही तालिकाको पूरा रूप हो: चारओटा धातुका सबै काल, पक्ष र भावका रूप, हरेक पुरुष, आदर र लिङ्गमा, करण र अकरण दुवै; अनि सबैभन्दा बढी चल्ने हुनु का हो, छ र हुन्छ रूप।
यहाँ नियम होइन, रूप मात्र छन्। काल, पक्ष र भाव के हुन् भन्ने कुरा काल, पक्ष र भाव अध्यायमा छ, र कर्तासँग क्रियापद किन र कसरी मिल्छ भन्ने कुरा पदसङ्गति अध्यायमा। धातुअनुसार रूप किन फरक हुन्छन् भन्ने नियम शब्द रूपायन अध्यायमा छ।
तालिका कसरी पढ्ने
- धातु: पढ् व्यञ्जनमा टुङ्गिने धातुको नमुना हो; खा एक अक्षरको स्वरान्त धातुको; जा भूत कालमा रूप नै फेरिने (गयो) धातुको; र आउ दुई स्वरमा टुङ्गिने धातुको। गर्, बस्, लेख् जस्ता धातु पढ् जस्तै; ला, पा जस्ता धातु खा जस्तै; गाउ, पढाउ, बनाउ जस्ता धातु आउ जस्तै चल्छन्।
- पङ्क्ति: हरेक पङ्क्ति एउटा कर्ता हो। तँ र ऊ सामान्य आदर, तिमी र उनी मध्यम आदर, र तपाईँ, उहाँ, हजुर उच्च आदर हुन्। नामको कर्ता पनि यिनैमध्ये एउटा पङ्क्तिमा पर्छ: भाइ ऊ जस्तै, दिदी उनी जस्तै, बुबा उहाँ जस्तै।
- ‘स्त्री.’: कोष्ठकमा स्त्री. लेखिएको रूप स्त्रीलिङ्गको कर्ताका लागि हो। कोष्ठक नभएको रूप दुवै लिङ्गमा उही हुन्छ। प्रथम पुरुष, बहुवचन र उच्च आदरमा प्रायः लिङ्ग छुट्टिँदैन; पूर्ण पक्षको -एको मा भने म ले पनि लिङ्ग देखाउँछ (पढेकी छु)।
- उच्च आदर: तपाईँ, उहाँ, तपाईँहरू र उहाँहरू सबैका लागि एउटै रूप हुन्छ, त्यसैले तालिकामा एउटै पङ्क्ति छ।
- ‘ले’: पढ्, खा जस्ता सकर्मक धातु भूत कालमा वा पूर्ण र अज्ञात पक्षमा हुँदा कर्तामा ‘ले’ लाग्छ: मैले पढेँ, उसले खाएको छ। तालिकामा कर्ता मूल रूपमै लेखिएको छ; वाक्य बनाउँदा ‘ले’ थप्नुहोस्। जा र आउ अकर्मक भएकाले तिनमा ‘ले’ लाग्दैन: म गएँ, ऊ आएको छ।
- छुट्टै लेख्ने: पाठ्यपुस्तकहरूले पढ्ने छ, पढ्दै छ, पढेको छ, पढ्दै हुने छ जस्ता रूप छुट्टाछुट्टै लेख्छन्, तर पढ्नुहुन्छ, पढ्नुभयो, पढ्नुहुने छ मा नु र हु जोडेर। यहाँ पनि त्यसै गरिएको छ।
- नाम: काल, पक्ष र भावका नाम पाठ्यपुस्तककै हुन्: सामान्य, अपूर्ण, पूर्ण, अज्ञात र अभ्यस्त पक्ष; भूत, वर्तमान र भविष्यत् काल; आज्ञार्थ, इच्छार्थ, सम्भावनार्थ र सङ्केतार्थ भाव। (अधिकारीको व्याकरणमा: आज्ञार्थ र इच्छार्थ दुवै विध्यर्थ, र तँ, तिमी का पढेस्, पढे जस्ता पछि गर्नू भन्ने रूप परोक्ष आज्ञार्थक।)
पढ् (पढ्नु)
व्यञ्जनमा टुङ्गिने धातु। सबैभन्दा नियमित रूप यसैका हुन्, त्यसैले अरू धातुलाई यसैसँग दाँजेर हेर्नुहोस्।
सामान्य पक्ष
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | पढेँ | पढ्छु | पढ्ने छु |
| हामी | पढ्यौँ | पढ्छौँ | पढ्ने छौँ |
| तँ | पढिस् | पढ्छस् (स्त्री. पढ्छेस्) | पढ्ने छस् (स्त्री. पढ्ने छेस्) |
| तिमी | पढ्यौ | पढ्छौ (स्त्री. पढ्छ्यौ) | पढ्ने छौ (स्त्री. पढ्ने छ्यौ) |
| तिमीहरू | पढ्यौ | पढ्छौ | पढ्ने छौ |
| ऊ | पढ्यो (स्त्री. पढी) | पढ्छ (स्त्री. पढ्छे) | पढ्ने छ (स्त्री. पढ्ने छे) |
| उनी | पढे (स्त्री. पढिन्) | पढ्छन् (स्त्री. पढ्छिन्) | पढ्ने छन् (स्त्री. पढ्ने छिन्) |
| उनीहरू | पढे | पढ्छन् | पढ्ने छन् |
| तपाईँ, उहाँ | पढ्नुभयो | पढ्नुहुन्छ | पढ्नुहुने छ |
अपूर्ण पक्ष
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | पढ्दै थिएँ | पढ्दै छु | पढ्दै हुने छु |
| हामी | पढ्दै थियौँ | पढ्दै छौँ | पढ्दै हुने छौँ |
| तँ | पढ्दै थिइस् | पढ्दै छस् (स्त्री. पढ्दै छेस्) | पढ्दै हुने छस् (स्त्री. पढ्दै हुने छेस्) |
| तिमी | पढ्दै थियौ | पढ्दै छौ (स्त्री. पढ्दै छ्यौ) | पढ्दै हुने छौ (स्त्री. पढ्दै हुने छ्यौ) |
| तिमीहरू | पढ्दै थियौ | पढ्दै छौ | पढ्दै हुने छौ |
| ऊ | पढ्दै थियो (स्त्री. पढ्दै थिई) | पढ्दै छ (स्त्री. पढ्दै छे) | पढ्दै हुने छ (स्त्री. पढ्दै हुने छे) |
| उनी | पढ्दै थिए (स्त्री. पढ्दै थिइन्) | पढ्दै छन् (स्त्री. पढ्दै छिन्) | पढ्दै हुने छन् (स्त्री. पढ्दै हुने छिन्) |
| उनीहरू | पढ्दै थिए | पढ्दै छन् | पढ्दै हुने छन् |
| तपाईँ, उहाँ | पढ्दै हुनुहुन्थ्यो | पढ्दै हुनुहुन्छ | पढ्दै हुनुहुने छ |
पूर्ण पक्ष
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | पढेको थिएँ (स्त्री. पढेकी थिएँ) | पढेको छु (स्त्री. पढेकी छु) | पढेको हुने छु (स्त्री. पढेकी हुने छु) |
| हामी | पढेका थियौँ | पढेका छौँ | पढेका हुने छौँ |
| तँ | पढेको थिइस् (स्त्री. पढेकी थिइस्) | पढेको छस् (स्त्री. पढेकी छस्) | पढेको हुने छस् (स्त्री. पढेकी हुने छस्) |
| तिमी | पढेका थियौ (स्त्री. पढेकी थियौ) | पढेका छौ (स्त्री. पढेकी छौ) | पढेका हुने छौ (स्त्री. पढेकी हुने छौ) |
| तिमीहरू | पढेका थियौ | पढेका छौ | पढेका हुने छौ |
| ऊ | पढेको थियो (स्त्री. पढेकी थिई) | पढेको छ (स्त्री. पढेकी छ) | पढेको हुने छ (स्त्री. पढेकी हुने छ) |
| उनी | पढेका थिए (स्त्री. पढेकी थिइन्) | पढेका छन् (स्त्री. पढेकी छिन्) | पढेका हुने छन् (स्त्री. पढेकी हुने छिन्) |
| उनीहरू | पढेका थिए | पढेका छन् | पढेका हुने छन् |
| तपाईँ, उहाँ | पढ्नुभएको थियो | पढ्नुभएको छ | पढ्नुभएको हुने छ |
अज्ञात र अभ्यस्त पक्ष
पाठ्यपुस्तकहरूले यी दुई पक्ष भूत कालमा मात्र देखाउँछन्।
| कर्ता | अज्ञात भूत | अभ्यस्त भूत |
|---|---|---|
| म | पढेछु (स्त्री. पढिछु) | पढ्थेँ |
| हामी | पढेछौँ | पढ्थ्यौँ |
| तँ | पढेछस् (स्त्री. पढिछस्) | पढ्थिस् |
| तिमी | पढेछौ (स्त्री. पढिछौ) | पढ्थ्यौ |
| तिमीहरू | पढेछौ | पढ्थ्यौ |
| ऊ | पढेछ (स्त्री. पढिछ) | पढ्थ्यो (स्त्री. पढ्थी) |
| उनी | पढेछन् (स्त्री. पढिछन्) | पढ्थे (स्त्री. पढ्थिन्) |
| उनीहरू | पढेछन् | पढ्थे |
| तपाईँ, उहाँ | पढ्नुभएछ | पढ्नुहुन्थ्यो |
भाव
आज्ञार्थ सुन्ने व्यक्तिलाई मात्र दिइन्छ, त्यसैले त्यो द्वितीय पुरुषमा मात्र हुन्छ। तँ र तिमी को इच्छार्थ रूपले पछि गर्नू भन्ने अनुरोध बुझाउँछ।
| कर्ता | आज्ञार्थ | इच्छार्थ | सम्भावनार्थ |
|---|---|---|---|
| म | — | पढूँ | पढुँला |
| हामी | — | पढौँ | पढौँला |
| तँ | पढ् | पढेस् | पढ्लास् (स्त्री. पढ्लिस्) |
| तिमी | पढ | पढे | पढौला (स्त्री. पढौली) |
| तिमीहरू | पढ | पढे | पढौला |
| ऊ | — | पढोस् | पढ्ला (स्त्री. पढ्ली) |
| उनी | — | पढुन् | पढ्लान् (स्त्री. पढ्लिन्) |
| उनीहरू | — | पढुन् | पढ्लान् |
| तपाईँ, उहाँ | पढ्नुहोस् | पढ्नुहोस् | पढ्नुहोला |
अकरण
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | पढिनँ | पढ्दिनँ | पढ्ने छैनँ |
| हामी | पढेनौँ | पढ्दैनौँ | पढ्ने छैनौँ |
| तँ | पढिनस् | पढ्दैनस् (स्त्री. पढ्दिनस्) | पढ्ने छैनस् |
| तिमी | पढेनौ (स्त्री. पढिनौ) | पढ्दैनौ (स्त्री. पढ्दिनौ) | पढ्ने छैनौ |
| तिमीहरू | पढेनौ | पढ्दैनौ | पढ्ने छैनौ |
| ऊ | पढेन (स्त्री. पढिन) | पढ्दैन (स्त्री. पढ्दिन) | पढ्ने छैन |
| उनी | पढेनन् (स्त्री. पढिनन्) | पढ्दैनन् (स्त्री. पढ्दिनन्) | पढ्ने छैनन् |
| उनीहरू | पढेनन् | पढ्दैनन् | पढ्ने छैनन् |
| तपाईँ, उहाँ | पढ्नुभएन | पढ्नुहुन्न | पढ्नुहुने छैन |
खा (खानु)
एक अक्षरको स्वरान्त धातु। वर्तमान र अभ्यस्तमा न् थपिन्छ (खान्छ, खान्थ्यो), र अपूर्णमा चन्द्रविन्दु (खाँदै)।
सामान्य पक्ष
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | खाएँ | खान्छु | खाने छु |
| हामी | खायौँ | खान्छौँ | खाने छौँ |
| तँ | खाइस् | खान्छस् (स्त्री. खान्छेस्) | खाने छस् (स्त्री. खाने छेस्) |
| तिमी | खायौ | खान्छौ (स्त्री. खान्छ्यौ) | खाने छौ (स्त्री. खाने छ्यौ) |
| तिमीहरू | खायौ | खान्छौ | खाने छौ |
| ऊ | खायो (स्त्री. खाई) | खान्छ (स्त्री. खान्छे) | खाने छ (स्त्री. खाने छे) |
| उनी | खाए (स्त्री. खाइन्) | खान्छन् (स्त्री. खान्छिन्) | खाने छन् (स्त्री. खाने छिन्) |
| उनीहरू | खाए | खान्छन् | खाने छन् |
| तपाईँ, उहाँ | खानुभयो | खानुहुन्छ | खानुहुने छ |
अपूर्ण पक्ष
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | खाँदै थिएँ | खाँदै छु | खाँदै हुने छु |
| हामी | खाँदै थियौँ | खाँदै छौँ | खाँदै हुने छौँ |
| तँ | खाँदै थिइस् | खाँदै छस् (स्त्री. खाँदै छेस्) | खाँदै हुने छस् (स्त्री. खाँदै हुने छेस्) |
| तिमी | खाँदै थियौ | खाँदै छौ (स्त्री. खाँदै छ्यौ) | खाँदै हुने छौ (स्त्री. खाँदै हुने छ्यौ) |
| तिमीहरू | खाँदै थियौ | खाँदै छौ | खाँदै हुने छौ |
| ऊ | खाँदै थियो (स्त्री. खाँदै थिई) | खाँदै छ (स्त्री. खाँदै छे) | खाँदै हुने छ (स्त्री. खाँदै हुने छे) |
| उनी | खाँदै थिए (स्त्री. खाँदै थिइन्) | खाँदै छन् (स्त्री. खाँदै छिन्) | खाँदै हुने छन् (स्त्री. खाँदै हुने छिन्) |
| उनीहरू | खाँदै थिए | खाँदै छन् | खाँदै हुने छन् |
| तपाईँ, उहाँ | खाँदै हुनुहुन्थ्यो | खाँदै हुनुहुन्छ | खाँदै हुनुहुने छ |
पूर्ण पक्ष
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | खाएको थिएँ (स्त्री. खाएकी थिएँ) | खाएको छु (स्त्री. खाएकी छु) | खाएको हुने छु (स्त्री. खाएकी हुने छु) |
| हामी | खाएका थियौँ | खाएका छौँ | खाएका हुने छौँ |
| तँ | खाएको थिइस् (स्त्री. खाएकी थिइस्) | खाएको छस् (स्त्री. खाएकी छस्) | खाएको हुने छस् (स्त्री. खाएकी हुने छस्) |
| तिमी | खाएका थियौ (स्त्री. खाएकी थियौ) | खाएका छौ (स्त्री. खाएकी छौ) | खाएका हुने छौ (स्त्री. खाएकी हुने छौ) |
| तिमीहरू | खाएका थियौ | खाएका छौ | खाएका हुने छौ |
| ऊ | खाएको थियो (स्त्री. खाएकी थिई) | खाएको छ (स्त्री. खाएकी छ) | खाएको हुने छ (स्त्री. खाएकी हुने छ) |
| उनी | खाएका थिए (स्त्री. खाएकी थिइन्) | खाएका छन् (स्त्री. खाएकी छिन्) | खाएका हुने छन् (स्त्री. खाएकी हुने छिन्) |
| उनीहरू | खाएका थिए | खाएका छन् | खाएका हुने छन् |
| तपाईँ, उहाँ | खानुभएको थियो | खानुभएको छ | खानुभएको हुने छ |
अज्ञात र अभ्यस्त पक्ष
पाठ्यपुस्तकहरूले यी दुई पक्ष भूत कालमा मात्र देखाउँछन्।
| कर्ता | अज्ञात भूत | अभ्यस्त भूत |
|---|---|---|
| म | खाएछु (स्त्री. खाइछु) | खान्थेँ |
| हामी | खाएछौँ | खान्थ्यौँ |
| तँ | खाएछस् (स्त्री. खाइछस्) | खान्थिस् |
| तिमी | खाएछौ (स्त्री. खाइछौ) | खान्थ्यौ |
| तिमीहरू | खाएछौ | खान्थ्यौ |
| ऊ | खाएछ (स्त्री. खाइछ) | खान्थ्यो (स्त्री. खान्थी) |
| उनी | खाएछन् (स्त्री. खाइछन्) | खान्थे (स्त्री. खान्थिन्) |
| उनीहरू | खाएछन् | खान्थे |
| तपाईँ, उहाँ | खानुभएछ | खानुहुन्थ्यो |
भाव
आज्ञार्थ सुन्ने व्यक्तिलाई मात्र दिइन्छ, त्यसैले त्यो द्वितीय पुरुषमा मात्र हुन्छ। तँ र तिमी को इच्छार्थ रूपले पछि गर्नू भन्ने अनुरोध बुझाउँछ।
| कर्ता | आज्ञार्थ | इच्छार्थ | सम्भावनार्थ |
|---|---|---|---|
| म | — | खाऊँ | खाउँला |
| हामी | — | खाऔँ | खाऔँला |
| तँ | खा | खाएस् | खालास् (स्त्री. खालिस्) |
| तिमी | खाऊ | खाए | खाऔला (स्त्री. खाऔली) |
| तिमीहरू | खाओ | खाए | खाऔला |
| ऊ | — | खाओस् | खाला (स्त्री. खाली) |
| उनी | — | खाउन् | खालान् (स्त्री. खालिन्) |
| उनीहरू | — | खाउन् | खालान् |
| तपाईँ, उहाँ | खानुहोस् | खानुहोस् | खानुहोला |
अकरण
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | खाइनँ | खाँदिनँ | खाने छैनँ |
| हामी | खाएनौँ | खाँदैनौँ | खाने छैनौँ |
| तँ | खाइनस् | खाँदैनस् (स्त्री. खाँदिनस्) | खाने छैनस् |
| तिमी | खाएनौ (स्त्री. खाइनौ) | खाँदैनौ (स्त्री. खाँदिनौ) | खाने छैनौ |
| तिमीहरू | खाएनौ | खाँदैनौ | खाने छैनौ |
| ऊ | खाएन (स्त्री. खाइन) | खाँदैन (स्त्री. खाँदिन) | खाने छैन |
| उनी | खाएनन् (स्त्री. खाइनन्) | खाँदैनन् (स्त्री. खाँदिनन्) | खाने छैनन् |
| उनीहरू | खाएनन् | खाँदैनन् | खाने छैनन् |
| तपाईँ, उहाँ | खानुभएन | खानुहुन्न | खानुहुने छैन |
जा (जानु)
स्वरान्त धातु, खा जस्तै; तर भूत काल, पूर्ण र अज्ञात पक्षमा, र तँ, तिमी सँगको इच्छार्थमा धातु नै ग मा फेरिन्छ: गयो, गएको, गएछ, गएस्।
सामान्य पक्ष
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | गएँ | जान्छु | जाने छु |
| हामी | गयौँ | जान्छौँ | जाने छौँ |
| तँ | गइस् | जान्छस् (स्त्री. जान्छेस्) | जाने छस् (स्त्री. जाने छेस्) |
| तिमी | गयौ | जान्छौ (स्त्री. जान्छ्यौ) | जाने छौ (स्त्री. जाने छ्यौ) |
| तिमीहरू | गयौ | जान्छौ | जाने छौ |
| ऊ | गयो (स्त्री. गई) | जान्छ (स्त्री. जान्छे) | जाने छ (स्त्री. जाने छे) |
| उनी | गए (स्त्री. गइन्) | जान्छन् (स्त्री. जान्छिन्) | जाने छन् (स्त्री. जाने छिन्) |
| उनीहरू | गए | जान्छन् | जाने छन् |
| तपाईँ, उहाँ | जानुभयो | जानुहुन्छ | जानुहुने छ |
अपूर्ण पक्ष
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | जाँदै थिएँ | जाँदै छु | जाँदै हुने छु |
| हामी | जाँदै थियौँ | जाँदै छौँ | जाँदै हुने छौँ |
| तँ | जाँदै थिइस् | जाँदै छस् (स्त्री. जाँदै छेस्) | जाँदै हुने छस् (स्त्री. जाँदै हुने छेस्) |
| तिमी | जाँदै थियौ | जाँदै छौ (स्त्री. जाँदै छ्यौ) | जाँदै हुने छौ (स्त्री. जाँदै हुने छ्यौ) |
| तिमीहरू | जाँदै थियौ | जाँदै छौ | जाँदै हुने छौ |
| ऊ | जाँदै थियो (स्त्री. जाँदै थिई) | जाँदै छ (स्त्री. जाँदै छे) | जाँदै हुने छ (स्त्री. जाँदै हुने छे) |
| उनी | जाँदै थिए (स्त्री. जाँदै थिइन्) | जाँदै छन् (स्त्री. जाँदै छिन्) | जाँदै हुने छन् (स्त्री. जाँदै हुने छिन्) |
| उनीहरू | जाँदै थिए | जाँदै छन् | जाँदै हुने छन् |
| तपाईँ, उहाँ | जाँदै हुनुहुन्थ्यो | जाँदै हुनुहुन्छ | जाँदै हुनुहुने छ |
पूर्ण पक्ष
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | गएको थिएँ (स्त्री. गएकी थिएँ) | गएको छु (स्त्री. गएकी छु) | गएको हुने छु (स्त्री. गएकी हुने छु) |
| हामी | गएका थियौँ | गएका छौँ | गएका हुने छौँ |
| तँ | गएको थिइस् (स्त्री. गएकी थिइस्) | गएको छस् (स्त्री. गएकी छस्) | गएको हुने छस् (स्त्री. गएकी हुने छस्) |
| तिमी | गएका थियौ (स्त्री. गएकी थियौ) | गएका छौ (स्त्री. गएकी छौ) | गएका हुने छौ (स्त्री. गएकी हुने छौ) |
| तिमीहरू | गएका थियौ | गएका छौ | गएका हुने छौ |
| ऊ | गएको थियो (स्त्री. गएकी थिई) | गएको छ (स्त्री. गएकी छ) | गएको हुने छ (स्त्री. गएकी हुने छ) |
| उनी | गएका थिए (स्त्री. गएकी थिइन्) | गएका छन् (स्त्री. गएकी छिन्) | गएका हुने छन् (स्त्री. गएकी हुने छिन्) |
| उनीहरू | गएका थिए | गएका छन् | गएका हुने छन् |
| तपाईँ, उहाँ | जानुभएको थियो | जानुभएको छ | जानुभएको हुने छ |
अज्ञात र अभ्यस्त पक्ष
पाठ्यपुस्तकहरूले यी दुई पक्ष भूत कालमा मात्र देखाउँछन्।
| कर्ता | अज्ञात भूत | अभ्यस्त भूत |
|---|---|---|
| म | गएछु (स्त्री. गइछु) | जान्थेँ |
| हामी | गएछौँ | जान्थ्यौँ |
| तँ | गएछस् (स्त्री. गइछस्) | जान्थिस् |
| तिमी | गएछौ (स्त्री. गइछौ) | जान्थ्यौ |
| तिमीहरू | गएछौ | जान्थ्यौ |
| ऊ | गएछ (स्त्री. गइछ) | जान्थ्यो (स्त्री. जान्थी) |
| उनी | गएछन् (स्त्री. गइछन्) | जान्थे (स्त्री. जान्थिन्) |
| उनीहरू | गएछन् | जान्थे |
| तपाईँ, उहाँ | जानुभएछ | जानुहुन्थ्यो |
भाव
आज्ञार्थ सुन्ने व्यक्तिलाई मात्र दिइन्छ, त्यसैले त्यो द्वितीय पुरुषमा मात्र हुन्छ। तँ र तिमी को इच्छार्थ रूपले पछि गर्नू भन्ने अनुरोध बुझाउँछ।
| कर्ता | आज्ञार्थ | इच्छार्थ | सम्भावनार्थ |
|---|---|---|---|
| म | — | जाऊँ | जाउँला |
| हामी | — | जाऔँ | जाऔँला |
| तँ | जा | गएस् | जालास् (स्त्री. जालिस्) |
| तिमी | जाऊ | गए | जाऔला (स्त्री. जाऔली) |
| तिमीहरू | जाओ | गए | जाऔला |
| ऊ | — | जाओस् | जाला (स्त्री. जाली) |
| उनी | — | जाउन् | जालान् (स्त्री. जालिन्) |
| उनीहरू | — | जाउन् | जालान् |
| तपाईँ, उहाँ | जानुहोस् | जानुहोस् | जानुहोला |
तँ र तिमी सँगको इच्छार्थमा जा को ग रूप आउँछ, भूत कालमा जस्तै: भोलि बिहानै गएस् है, तिमी पनि उतै गए है। (गए भूत कालको रूपसँग उस्तै देखिन्छ; अर्थ वाक्यले छुट्याउँछ।)
अकरण
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | गइनँ | जाँदिनँ | जाने छैनँ |
| हामी | गएनौँ | जाँदैनौँ | जाने छैनौँ |
| तँ | गइनस् | जाँदैनस् (स्त्री. जाँदिनस्) | जाने छैनस् |
| तिमी | गएनौ (स्त्री. गइनौ) | जाँदैनौ (स्त्री. जाँदिनौ) | जाने छैनौ |
| तिमीहरू | गएनौ | जाँदैनौ | जाने छैनौ |
| ऊ | गएन (स्त्री. गइन) | जाँदैन (स्त्री. जाँदिन) | जाने छैन |
| उनी | गएनन् (स्त्री. गइनन्) | जाँदैनन् (स्त्री. जाँदिनन्) | जाने छैनन् |
| उनीहरू | गएनन् | जाँदैनन् | जाने छैनन् |
| तपाईँ, उहाँ | जानुभएन | जानुहुन्न | जानुहुने छैन |
आउ (आउनु)
दुई स्वरमा टुङ्गिने धातु। न् को ठाउँमा चन्द्रविन्दु आउँछ (आउँछ, आउँथ्यो, आउँदै), र भूत कालमा उ हराउँछ (आयो, आएको)।
सामान्य पक्ष
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | आएँ | आउँछु | आउने छु |
| हामी | आयौँ | आउँछौँ | आउने छौँ |
| तँ | आइस् | आउँछस् (स्त्री. आउँछेस्) | आउने छस् (स्त्री. आउने छेस्) |
| तिमी | आयौ | आउँछौ (स्त्री. आउँछ्यौ) | आउने छौ (स्त्री. आउने छ्यौ) |
| तिमीहरू | आयौ | आउँछौ | आउने छौ |
| ऊ | आयो (स्त्री. आई) | आउँछ (स्त्री. आउँछे) | आउने छ (स्त्री. आउने छे) |
| उनी | आए (स्त्री. आइन्) | आउँछन् (स्त्री. आउँछिन्) | आउने छन् (स्त्री. आउने छिन्) |
| उनीहरू | आए | आउँछन् | आउने छन् |
| तपाईँ, उहाँ | आउनुभयो | आउनुहुन्छ | आउनुहुने छ |
अपूर्ण पक्ष
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | आउँदै थिएँ | आउँदै छु | आउँदै हुने छु |
| हामी | आउँदै थियौँ | आउँदै छौँ | आउँदै हुने छौँ |
| तँ | आउँदै थिइस् | आउँदै छस् (स्त्री. आउँदै छेस्) | आउँदै हुने छस् (स्त्री. आउँदै हुने छेस्) |
| तिमी | आउँदै थियौ | आउँदै छौ (स्त्री. आउँदै छ्यौ) | आउँदै हुने छौ (स्त्री. आउँदै हुने छ्यौ) |
| तिमीहरू | आउँदै थियौ | आउँदै छौ | आउँदै हुने छौ |
| ऊ | आउँदै थियो (स्त्री. आउँदै थिई) | आउँदै छ (स्त्री. आउँदै छे) | आउँदै हुने छ (स्त्री. आउँदै हुने छे) |
| उनी | आउँदै थिए (स्त्री. आउँदै थिइन्) | आउँदै छन् (स्त्री. आउँदै छिन्) | आउँदै हुने छन् (स्त्री. आउँदै हुने छिन्) |
| उनीहरू | आउँदै थिए | आउँदै छन् | आउँदै हुने छन् |
| तपाईँ, उहाँ | आउँदै हुनुहुन्थ्यो | आउँदै हुनुहुन्छ | आउँदै हुनुहुने छ |
पूर्ण पक्ष
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | आएको थिएँ (स्त्री. आएकी थिएँ) | आएको छु (स्त्री. आएकी छु) | आएको हुने छु (स्त्री. आएकी हुने छु) |
| हामी | आएका थियौँ | आएका छौँ | आएका हुने छौँ |
| तँ | आएको थिइस् (स्त्री. आएकी थिइस्) | आएको छस् (स्त्री. आएकी छस्) | आएको हुने छस् (स्त्री. आएकी हुने छस्) |
| तिमी | आएका थियौ (स्त्री. आएकी थियौ) | आएका छौ (स्त्री. आएकी छौ) | आएका हुने छौ (स्त्री. आएकी हुने छौ) |
| तिमीहरू | आएका थियौ | आएका छौ | आएका हुने छौ |
| ऊ | आएको थियो (स्त्री. आएकी थिई) | आएको छ (स्त्री. आएकी छ) | आएको हुने छ (स्त्री. आएकी हुने छ) |
| उनी | आएका थिए (स्त्री. आएकी थिइन्) | आएका छन् (स्त्री. आएकी छिन्) | आएका हुने छन् (स्त्री. आएकी हुने छिन्) |
| उनीहरू | आएका थिए | आएका छन् | आएका हुने छन् |
| तपाईँ, उहाँ | आउनुभएको थियो | आउनुभएको छ | आउनुभएको हुने छ |
अज्ञात र अभ्यस्त पक्ष
पाठ्यपुस्तकहरूले यी दुई पक्ष भूत कालमा मात्र देखाउँछन्।
| कर्ता | अज्ञात भूत | अभ्यस्त भूत |
|---|---|---|
| म | आएछु (स्त्री. आइछु) | आउँथेँ |
| हामी | आएछौँ | आउँथ्यौँ |
| तँ | आएछस् (स्त्री. आइछस्) | आउँथिस् |
| तिमी | आएछौ (स्त्री. आइछौ) | आउँथ्यौ |
| तिमीहरू | आएछौ | आउँथ्यौ |
| ऊ | आएछ (स्त्री. आइछ) | आउँथ्यो (स्त्री. आउँथी) |
| उनी | आएछन् (स्त्री. आइछन्) | आउँथे (स्त्री. आउँथिन्) |
| उनीहरू | आएछन् | आउँथे |
| तपाईँ, उहाँ | आउनुभएछ | आउनुहुन्थ्यो |
भाव
आज्ञार्थ सुन्ने व्यक्तिलाई मात्र दिइन्छ, त्यसैले त्यो द्वितीय पुरुषमा मात्र हुन्छ। तँ र तिमी को इच्छार्थ रूपले पछि गर्नू भन्ने अनुरोध बुझाउँछ।
| कर्ता | आज्ञार्थ | इच्छार्थ | सम्भावनार्थ |
|---|---|---|---|
| म | — | आऊँ | आउँला |
| हामी | — | आऔँ | आऔँला |
| तँ | आइज | आएस् | आउलास् (स्त्री. आउलिस्) |
| तिमी | आऊ | आए | आऔला (स्त्री. आऔली) |
| तिमीहरू | आओ | आए | आऔला |
| ऊ | — | आओस् | आउला (स्त्री. आउली) |
| उनी | — | आउन् | आउलान् (स्त्री. आउलिन्) |
| उनीहरू | — | आउन् | आउलान् |
| तपाईँ, उहाँ | आउनुहोस् | आउनुहोस् | आउनुहोला |
अकरण
| कर्ता | भूत | वर्तमान | भविष्यत् |
|---|---|---|---|
| म | आइनँ | आउँदिनँ | आउने छैनँ |
| हामी | आएनौँ | आउँदैनौँ | आउने छैनौँ |
| तँ | आइनस् | आउँदैनस् (स्त्री. आउँदिनस्) | आउने छैनस् |
| तिमी | आएनौ (स्त्री. आइनौ) | आउँदैनौ (स्त्री. आउँदिनौ) | आउने छैनौ |
| तिमीहरू | आएनौ | आउँदैनौ | आउने छैनौ |
| ऊ | आएन (स्त्री. आइन) | आउँदैन (स्त्री. आउँदिन) | आउने छैन |
| उनी | आएनन् (स्त्री. आइनन्) | आउँदैनन् (स्त्री. आउँदिनन्) | आउने छैनन् |
| उनीहरू | आएनन् | आउँदैनन् | आउने छैनन् |
| तपाईँ, उहाँ | आउनुभएन | आउनुहुन्न | आउनुहुने छैन |
हु (हुनु): हो, छ र हुन्छ
हुनु सबैभन्दा बढी चल्ने धातु हो, र माथिका तालिकामा पढ्दै छ, पढेको थियो, पढ्ने छ मा सहायक क्रियापद पनि यही हो। यसका वर्तमानमा तीन रूप छन्, र तीनको काम फरक छ:
- हो ले कुनै कुरा के वा को हो भनेर चिनाउँछ: यो हाम्रो गाउँको धारा हो। म सुनिताको दाजु हुँ।
- छ ले कुनै कुरा कहाँ छ वा कस्तो अवस्थामा छ भन्ने बताउँछ: दिदी बारीमा छिन्। आज आकाश सफा छ।
- हुन्छ ले सधैँ वा सामान्यतया हुने कुरा, वा अब हुने कुरा बताउँछ: माघमा यहाँ हिउँ पर्छ, बाटो चिप्लो हुन्छ। भोलि विद्यालय बिदा हुन्छ।
भूत कालमा हो र छ दुवैको रूप थियो हुन्छ (त्यो हाम्रो पुरानो घर थियो, हिजो बजार बन्द थियो), र हुन्छ को भयो (बिहानै पानी परेकाले बाटो हिलो भयो)।
| कर्ता | हो | छ | हुन्छ | थियो | भयो |
|---|---|---|---|---|---|
| म | हुँ | छु | हुन्छु | थिएँ | भएँ |
| हामी | हौँ | छौँ | हुन्छौँ | थियौँ | भयौँ |
| तँ | होस् | छस् (स्त्री. छेस्) | हुन्छस् (स्त्री. हुन्छेस्) | थिइस् | भइस् |
| तिमी | हौ | छौ (स्त्री. छ्यौ) | हुन्छौ (स्त्री. हुन्छ्यौ) | थियौ | भयौ |
| तिमीहरू | हौ | छौ | हुन्छौ | थियौ | भयौ |
| ऊ | हो | छ (स्त्री. छे) | हुन्छ (स्त्री. हुन्छे) | थियो (स्त्री. थिई) | भयो (स्त्री. भई) |
| उनी | हुन् | छन् (स्त्री. छिन्) | हुन्छन् (स्त्री. हुन्छिन्) | थिए (स्त्री. थिइन्) | भए (स्त्री. भइन्) |
| उनीहरू | हुन् | छन् | हुन्छन् | थिए | भए |
| तपाईँ, उहाँ | हुनुहुन्छ | हुनुहुन्छ | हुनुहुन्छ | हुनुहुन्थ्यो | हुनुभयो |
उच्च आदरमा हो र छ दुवैको रूप हुनुहुन्छ हुन्छ: उहाँ हाम्रो विद्यालयको प्रधानाध्यापक हुनुहुन्छ र उहाँ अहिले कार्यालयमा हुनुहुन्छ। भविष्यत्मा पढ् कै ढाँचामा हुने छु, हुने छ, हुने छन्, हुनुहुने छ बन्छन्, र सम्भावनार्थमा हुँला, होलास्, होला, होलान्, हुनुहोला।
अकरणमा हो र छ ले न थप्दैनन्, आफ्नै रूप लिन्छन् (नियम करण र अकरण अध्यायमा छ):
| कर्ता | होइन | छैन | हुँदैन | थिएन | भएन |
|---|---|---|---|---|---|
| म | होइनँ | छैनँ | हुँदिनँ | थिइनँ | भइनँ |
| हामी | होइनौँ | छैनौँ | हुँदैनौँ | थिएनौँ | भएनौँ |
| तँ | होइनस् | छैनस् | हुँदैनस् (स्त्री. हुँदिनस्) | थिइनस् | भइनस् |
| तिमी | होइनौ | छैनौ | हुँदैनौ (स्त्री. हुँदिनौ) | थिएनौ | भएनौ (स्त्री. भइनौ) |
| तिमीहरू | होइनौ | छैनौ | हुँदैनौ | थिएनौ | भएनौ |
| ऊ | होइन | छैन | हुँदैन (स्त्री. हुँदिन) | थिएन (स्त्री. थिइन) | भएन (स्त्री. भइन) |
| उनी | होइनन् | छैनन् | हुँदैनन् (स्त्री. हुँदिनन्) | थिएनन् (स्त्री. थिइनन्) | भएनन् (स्त्री. भइनन्) |
| उनीहरू | होइनन् | छैनन् | हुँदैनन् | थिएनन् | भएनन् |
| तपाईँ, उहाँ | हुनुहुन्न | हुनुहुन्न | हुनुहुन्न | हुनुहुन्नथ्यो | हुनुभएन |
हुँदैन को साटो हुन्न पनि भनिन्छ (यस्तो गर्नु हुन्न), जसरी खाँदैन को साटो खान्न।
अरू अकरण रूप
माथिका तालिकामा नभएका अकरण रूप करण रूपमै न थपेर वा सहायक क्रियापद छ लाई छैन बनाएर बन्छन्। पढ् का तृतीय पुरुष एकवचनका उदाहरण:
| कहाँ | करण | अकरण |
|---|---|---|
| अपूर्ण वर्तमान | पढ्दै छ | पढ्दै छैन |
| अपूर्ण भूत | पढ्दै थियो | पढ्दै थिएन |
| पूर्ण वर्तमान | पढेको छ | पढेको छैन |
| पूर्ण भूत | पढेको थियो | पढेको थिएन |
| अज्ञात भूत | पढेछ (स्त्री. पढिछ) | पढेनछ (स्त्री. पढिनछ) |
| अभ्यस्त भूत | पढ्थ्यो (स्त्री. पढ्थी) | पढ्दैनथ्यो (स्त्री. पढ्दिनथी) |
| आज्ञार्थ | पढ | नपढ |
| इच्छार्थ | पढोस् | नपढोस् |
| सम्भावनार्थ | पढ्ला | नपढ्ला |
| उच्च आदर | पढ्नुहुन्छ, पढ्नुभयो | पढ्नुहुन्न, पढ्नुभएन |
स्वरान्त धातुका वर्तमान अकरणमा दुई रूप चल्छन्: खाँदैन वा खान्न, जाँदैन वा जान्न, म खाँदिनँ वा म खान्नँ। त्यस्तै अभ्यस्त अकरणमा पनि पढ्दैनथ्यो को साटो पढ्थेन, खाँदैनथ्यो को साटो खान्थेन भनिन्छ।
सङ्केतार्थ
सर्त राख्ने सङ्केतार्थ रूप धातुमा -ए लगाएर बन्छ, र यो सबै पुरुष, वचन र लिङ्गमा एउटै हुन्छ: पढे, खाए, गए, आए। उच्च आदरमा मात्र रूप फेरिन्छ: पढ्नुभए, आउनुभए। उदाहरण: म पढे पास हुन्छु, दिदी आए म पनि जान्छु, बुबा आउनुभए म पनि जान्छु। सर्तपछिको परिणाम भने सामान्य कालकै रूपमा आउँछ, वा पूरा नभएको सर्तमा पढ्थ्यो, पढ्ने थियो जस्ता रूपमा: समयमै बिउ छरे बोट राम्ररी उम्रने थियो।
छोटा र पुराना रूप
तालिकामा मानक लेख्य रूप मात्र राखिएका छन्। यीबाहेक केही रूप पनि चल्छन्:
- द / त थपिएका वर्तमान रूप: पढ्दछ, गर्दछ, आउँदछ, सक्तछ। यी कवितामा र औपचारिक लेखमा भेटिन्छन्; अर्थ पढ्छ, गर्छ कै हो।
- उच्च आदरका छोटा रूप: बोलचालमा पढ्नुहोस् लाई पढ्नुस् वा पढ्नोस् भनिन्छ। लेख्दा पूरा रूप राम्रो।
- सम्भावनार्थको तिमी: पढौला को साटो पढुला पनि भनिन्छ।
- सम्भावनार्थको अर्को अकरण: कतै कतै लेख्ला को अकरण लेखोइन र खालान् को खाओइनन् जस्ता रूपमा पनि सुनिन्छ। मानक लेखाइमा नलेख्ला, नखालान् लेखिन्छ।
- उच्चतम आदर: राजपरिवारका लागि प्रयोग हुने -सि र बक्सि का रूप (गरिबक्सियो जस्ता) राजतन्त्र अन्त्य भएपछि विरलै भेटिन्छन्; यिनको विवरण आदर अध्यायमा छ।
पाठ्यपुस्तकमा
यी तथ्य कहाँबाट लिइएका हुन्
- कक्षाका चिनो: धातुरूपावलीका खण्ड कक्षा ७ का हुन्, किनभने कक्षा ७ को पाठ्यपुस्तक (पाठ १४, पृष्ठ १६८) ले एउटा धातुका सबै काल र पक्षका रूपको तालिका दिएर पढ् र आउ का रूप लेख्न लगाउँछ, र पाठ ५ (पृष्ठ ५९) ले जा, खा का रूप बनाउन; तालिकाका एक एक रूप भने कक्षा ६ देखि नै आउँछन्। सङ्केतार्थ कक्षा ८ को: कक्षा ८, पाठ १६, पृष्ठ १८७–१८८। हो र छ को अकरण कक्षा ७ को: करण र अकरण अध्यायको स्रोत। दुई किसिमका अकरण (खाँदैन, खान्न), छोटा र पुराना रूप र सम्भावनार्थको -ओइन अकरण कुनै पाठ्यक्रमले कक्षा १२ सम्म पढाउँदैन, त्यसैले ‘थप’।
- नेपाली, कक्षा ७, पाठ १४, पृष्ठ १६८ (पाठ्यक्रम विकास केन्द्र): काल र पक्षको तालिका; छुट्टै लेखिने खेल्ने छु, खेलेको हुने छु, खेल्दै हुने छु। कक्षा ६ (अपूर्ण पक्षमा डुल्दै हुने छन्, गर्दै हुनुहुने छ) र कक्षा ८ (पाठ १२, पृष्ठ १४३: पढेकी छु, पढेकी छ) का पुस्तक।
- हेमाङ्गराज अधिकारी, समसामयिक नेपाली व्याकरण, अध्याय ६ (क्रियापदको रूपायन, पृ. १५१–१७१): वर्तमानका प्रत्यय (तालिका ९–१०), अकरणका प्रत्यय र स्त्रीलिङ्गका -दिन रूप (तालिका ११–१२, पृ. १५५), भूत कालका प्रत्यय र ग, भ, थि आदेश (तालिका १३–१४), अभ्यस्त र अज्ञात पक्ष (पृ. १६१–१६३), विध्यर्थ (तालिका १५, पृ. १६३–१६४; परोक्ष -एस्/-ए र जा को गएस्, पृ. १६७) र सम्भावनार्थ (तालिका १६, पृ. १६८; -ओइन अकरण, पृ. १७०)। विध्यर्थ र परोक्ष आज्ञार्थक उनकै नाम हुन् (पृ. १६३–१६७)। यहाँका तालिका उनका प्रत्ययबाट बनाइएका हुन्, र हरेक रूप उनका ढाँचासँग दाँजिएको छ। हिज्जे: नेपाली बृहत् शब्दकोश।
गल्ती भेटे हामीलाई भन्नुहोस्।
